इस जहा के इंसानों में वफ़ा ढूंड रहे हम
"इस जहा के इंसानों में वफ़ा ढूंड रहे हम ,
+918602150751
लोग कहते है ,
जहर की शीशी में दवा ढूंड रहे हम !!!
दुनिया को समझने की कोशिस में ही थे की ,
याद आया की रिश्तो के धागों को सुलझाना अभी बाकी है !!
वक़्त की गहराई को समझ नहीं पाए हम ,
बेबफाई के समंदर में कब से बहते चले जा रहे हम !!!
पूजा में, पाठ में ,आरती में ,नामाज में ,
ना जाने कहा कहा लोग आपना मालिक ढूंड रहे है !!!
पहले तो खो दीया खुद को इस जहा में हमने ,,
अब समंदर के आईने में खुद का पता ढूंड रहे हम !!!!!
इस जहा के इंसानों में वफ़ा ढूंड रहे हम ,
!!!!!!!!!!!!!!!!
लोग कहते है ,
जहर की शीशी में दवा ढूंड रहे हम"
!!!!!!!!!!!!!!!!
प्रकाश द्विवेदी (प्रेम )


bhuuuut khooooob...
ReplyDeletethxxx
ReplyDelete